ब्रेकिंग
क्यों पूजे जाते हैं जन्माष्टमी पर बाल गोपाल? जानिए श्रीकृष्ण के नटखट बाल रूप की पूरी कथा आज शराब खरीदने का प्लान है तो पहले पढ़ें ये खबर, पूरे छत्तीसगढ़ में दुकानें और बार रहेंगे बंद धमतरी में भारी बारिश से उफान पर नदियां,गंगरेल बांध के खुले 3 गेट, महानदी तटीय गांवों में अलर्ट जारी मौसम विभाग का अलर्ट: छत्तीसगढ़ के 11 जिलों में भारी बारिश के साथ आंधी का खतरा छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू की बढ़ी रफ्तार, रायपुर में सबसे ज्यादा मरीज भ्रूण मिलने से इलाके में सनसनी, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस जन्माष्टमी पर शराब-मांस की दुकानों पर कसेगा शिकंजा, प्रशासन ने जारी किए निर्देश मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जशपुर को सड़क विकास की बड़ी सौगात छत्तीसगढ़ बनेगा हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग हब, AI-सेमीकंडक्टर से ग्रीन स्टील तक 8 लाख करोड़ के निवेश प्र... केंद्रीय विद्यालय दुर्ग में तीन दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर सम्पन्न,
मध्यप्रदेश

साइकिल चलाकर घर पहुंचा 7 साल का बच्चा, हार्ट अटैक से मौत

निवाड़ी|  कोविड-19 के बाद से देश के विभिन्न राज्यों में युवाओं के साथ बच्चों में हार्ट अटैक के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं. इस बीच महज सात साल के बच्चे की हार्ट अटैक से मौत हो गई है. मध्यप्रदेश के निवाड़ी जिले के ओरछा में सात साल के राघव उर्फ हनी दुबे को हार्ट अटैक आया, जिसके बाद उसने अपनी मां की आंखों के सामने तड़पते हुए दम तोड़ दिया.

राघव अपने घर के सामने साइकिल चला रहा था, तभी उसे अचानक से सीने में तेज दर्द महसूस हुआ. इसके बाद उसने सीने में दर्द की शिकायत अपनी मां से की. राघव की मां ने स्थिति को भांपते हुए आस पड़ोस के लोगों से मदद मांगी और बच्चे को तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचीं. यहां ओरछा के सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों ने राघव को झांसी मेडिकल कॉलेज भेजने की सलाह दी.

रास्ते में तोड़ा दम

इसके बाद परिजन राघव को झांसी मेडिकल अस्पताल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में उसकी हालत तेजी से बिगड़ती चली गई और वह दर्द से चिल्ला रहा था. इसी दौरान उसे उल्टी हुई और उसकी सांसें थम गई. बता दें राघव की मां भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा के ओरछा मंडल की महामंत्री हैं. घटना के बाद से परिजनों का बुरा हाल है.

जंक फूड से बचे

फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की असली वजह का खुलासा होगा. हालांकि, डॉक्टरों का मानना है कि सही खान पान नहीं होने की वजह से हार्ट अटैक की संख्या में इजाफा हो रहा है. डॉक्टरों द्वारा बार-बार अभिभावकों से अपील की जा रही है कि वह अपने बच्चों को जंक फूड से दूर रखें. डॉक्टरों के अनुसार बच्चों की जिद के बावजूद उन्हें जंक फूड नहीं देना चाहिए. इसकी बजाए स्वस्थ भोजन और गाय का दूध बच्चों के लिए बेहतर है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button