ब्रेकिंग
छत्तीसगढ़ में घरेलू एलपीजी गैस एवं डीजल-पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक, आपूर्ति व्यवस्था पर सतत निगरानी क... कबीरधाम में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए शुरू होगी बड़ी मुहिम नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम / उप निर्वाचन 2026 हेतु निर्वाचक नामावली कार्यक्रम जारी मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCR) की पहली बैठक आयोजित प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ निगम की सख्त कार्रवाई, कई दुकानों से डिस्पोजल गिलास व झिल्ली पन्नी जब्... राज्यपाल ने संत शदाराम साहिब भाषा भवन का किया शिलान्यास राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अपमान पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लिखा ममता बनर्जी को कड़ा पत्र प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल ईश्वर की अनुपम कृति हैं महिलाएं : उप मुख्यमंत्री अरुण साव 4.24 करोड़ के विज्ञापन पर घमासान, भूपेश सरकार के फैसले की जांच के संकेत
दुर्ग

आंबेडकर जयंती पर विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए सांसद बघेल

भिलाई। डॉ बाबा साहेब आंबेडकर जयंती के अवसर पर दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए। भिलाई के हृदय स्थल पावर हाउस स्थित डॉ आंबेडकर चौक में बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। डॉ अम्बेडकर प्रतिमा प्रबंध राज्य स्तरीय जयंती मेला समिति अध्यक्ष सुनील रामटेके ने सांसद बघेल का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विजय बघेल थे।

विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक रिकेश सेन, देवेन्द्र यादव, मुस्लिम समाज के असीम बेग, वर्षा बागड़े, ज्ञान बागड़े उपस्थित थे। तथागत समाज कल्याण समिति अध्यक्ष अनिल साखरे, धनंजय मेश्राम, सिद्धांत के द्वारा आयोजित भंडारे में सांसद विजय बघेल ने अपने हाथों से भोजन परोसा।

सांसद विजय बघेल ने अपने उद्बोधन में कहा भिलाई के हृदय स्थल अम्बेडकर चौक में एक मंच पर सभी को आमंत्रित किया। केवल बौद्ध समाज ही नहीं दूसरे समाज को भी आमंत्रित करने की सद्धभावना हमेशा बनी रहे। डॉ राजेंद्र प्रसाद ने डॉ बाबा साहेब को संविधान लिखने कि जिम्मेदारी दी।

डॉ अम्बेडकर को संविधान सभा की ड्राफ्टिंग सभा का अध्यक्ष होने के नाते संविधान निर्माता होने का श्रेय दिया जाता है। उनका जीवन संघर्षों से भरा रहा। वे एक गरीब परिवार से थे। बचपन में उन्हें जातिवाद और भेद भाव का गहरा अनुभवहुआ लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और कठिन संघर्षों के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त की।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button