ब्रेकिंग
अफीम की अवैध खेती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कड़ा रुख प्रशिक्षु न्यायाधीश लोकतंत्र के तीसरे स्तंभ के रूप में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री श्री... बिजली उपभोक्ताओं की पीड़ा को दूर करेगी समाधान योजना : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पटरीपार सिकोला भाटा सब्जी मार्केट में निगम की बड़ी कार्रवाई, नाली के ऊपर बने 35 से अधिक अवैध निर्माण... छत्तीसगढ़ में घरेलू एलपीजी गैस एवं डीजल-पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक, आपूर्ति व्यवस्था पर सतत निगरानी क... कबीरधाम में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए शुरू होगी बड़ी मुहिम नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम / उप निर्वाचन 2026 हेतु निर्वाचक नामावली कार्यक्रम जारी मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCR) की पहली बैठक आयोजित प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ निगम की सख्त कार्रवाई, कई दुकानों से डिस्पोजल गिलास व झिल्ली पन्नी जब्... राज्यपाल ने संत शदाराम साहिब भाषा भवन का किया शिलान्यास
छत्तीसगढ़रायपुर

कोयला घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत, आरोपियों को मिली रेगुलर जमानत

रायपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला घोटाले से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए आरोपियों को बड़ी राहत दी है। शीर्ष अदालत ने सौम्या चौरसिया, रानू साहू, सूर्यकांत तिवारी सहित अन्य प्रमुख आरोपियों को नियमित जमानत मंजूर कर दी है। इससे पहले ये सभी आरोपी अंतरिम जमानत पर रिहा थे, जिसे अब स्थायी राहत में बदल दिया गया है।

शीर्ष अदालत ने तय की सख्त शर्तें
सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देते हुए कुछ शर्तें भी निर्धारित की हैं। आदेश के तहत आरोपी बिना अनुमति राज्य की सीमा से बाहर नहीं जा सकेंगे और जांच में पूरा सहयोग करना होगा। यह फैसला मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जयमाला बग़ाची की पीठ ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुनाया।

दोनों पक्षों ने रखे मजबूत तर्क
आरोपियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे, हर्षवर्धन परघनीया, शशांक मिश्रा, तुषार गिरी और मुक्त गुप्ता ने अदालत में पक्ष रखा। वहीं राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी और अतिरिक्त महाधिवक्ता रवि शर्मा ने आरोपों की गंभीरता को रेखांकित करते हुए जमानत का विरोध किया।

जांच अभी भी जारी
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में अब तक इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एजेंसी ने 35 आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत में कुल पांच अभियोजन शिकायतें दाखिल की हैं। ईडी का दावा है कि जांच के दौरान 273 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों को जब्त या कुर्क किया जा चुका है।

PMLA के तहत हो रही कार्रवाई
ईडी ने स्पष्ट किया है कि कोल लेवी घोटाले की जांच धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की जा रही है। एजेंसी का कहना है कि जांच अभी अंतिम चरण में नहीं है और आने वाले समय में और भी खुलासे तथा कानूनी कार्रवाई संभव है।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button