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बालोद

भाजपा कांग्रेस का समीकरण बिगाड़ सकती है रानी गौर, महिला आरक्षण सीट तय होने के बाद अध्यक्ष की दावेदारी करेंगी रानी

बालोद। बालोद नगर पालिका के अध्यक्ष पद के लिए सामान्य महिला आरक्षण होने के बाद दावेदार महिलाओं के चेहरे एक एक कर उभरने लगे हैं। राष्ट्रीय पार्टी भाजपा और कांग्रेस में सक्रिय रूप से कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं के अलावा निर्दलीय प्रत्याशियों के नाम भी सामने आने लगे हैं।

बालोद नगर के जवाहरपारा की रहने वाली रानी मनोज गौर भी अध्यक्ष की रेस में अपनी दावेदारी पेश करने वाली है जिसको लेकर उन्होंने अपनी तैयारी तेज कर दी है।

रानी मनोज गौर बालोद जिले के हिंदू महासभा को महिला जिलाध्यक्ष है। इसके अलावा वर्ष 2023 में विधानसभा चुनाव में अपनी दावेदारी पेश कर अपने मेहनत के बल बूते पर 1287 वोट बटोरने में कामयाब रही थी।

बगैर राजनीतिक संगठन के अपने चेहरे पर निर्दलीय चुनाव लड़कर एक हजार से अधिक वोट बटोरना चर्चा का विषय बना हुआ था।

रानी मनोज गौर हिंदू महासभा के महिला जिलाध्यक्ष होने संगठन के साथ लोगों में भी अच्छी पकड़ है। समाज से जुड़े जरूरतमंद लोगों के हर सुख दुख में साथ खड़े रहकर उनकी मदद करने से रानी गौर की छवि मजबूत है।

यही वजह है कि इस बार बालोद नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए निर्दलीय चुनाव लडने का निर्णय रानी मनोज गौर ने लिया है।

रानी गौर का यह फैसला भाजपा और कांग्रेस के राजनीतिक समीकरण पर भी असर डाल सकता है।

रानी गौर का मानना है कि पूर्व में निर्वाचित बालोद नगर पालिका अध्यक्ष जनता के हितों को नकारा है और विकास कार्यों को करने नाकाम रही है।

वह जनता के हितों पर कार्य करने के लिए अध्यक्ष चुनाव लडना चाहती है।

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