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सेवा मामलों में राजनीतिक दखल पर सख्त रूख: दूरसंचार विभाग ने कर्मचारियों को दी चेतावनी

नई दिल्ली। दूरसंचार विभाग ने अपने कर्मचारियों को सेवा से जुड़े मामलों—विशेष रूप से ट्रांसफर और पोस्टिंग—में राजनीतिक या बाहरी प्रभाव का सहारा लेने के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की है। बुधवार को विभाग द्वारा जारी एक कार्यालय ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि ऐसे प्रयास केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1964 के नियम 20 का उल्लंघन माने जाएंगे और आवश्यकतानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।

ज्ञापन में कहा गया कि यह देखा गया है कि कुछ सरकारी कर्मचारी सीधे या अपने रिश्तेदारों तथा वार्डों के माध्यम से सांसदों या अन्य गणमान्य व्यक्तियों से सिफारिशें करवा रहे हैं, जिससे विभागीय निर्णयों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। यह आचरण न केवल सेवा नियमों के विरुद्ध है, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता को भी ठेस पहुंचाता है।

दूरसंचार विभाग ने स्पष्ट किया कि यदि किसी कर्मचारी के मामले में किसी सांसद या अन्य व्यक्ति से कोई सिफारिश आती है, तो इसे यह मान लिया जाएगा कि उक्त सिफारिश कर्मचारी के कहने पर की गई है, और उसी आधार पर सेवा नियमों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।

विभाग ने यह भी याद दिलाया कि पहले उल्लंघन पर औपचारिक सलाह दी जाती है, लेकिन बार-बार नियमों की अवहेलना करने पर अनुशासनात्मक प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जिसमें सीसीएस (सीसीए) नियम, 1965 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने सेवा संबंधी मामलों का समाधान केवल निर्धारित आधिकारिक माध्यमों से ही करें और किसी भी तरह की राजनीतिक या बाहरी सिफारिश से परहेज करें। इस कदम को प्रशासनिक प्रक्रियाओं में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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