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टीएमसी में बड़ा सियासी झटका, सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने सभी पदों से दिया इस्तीफा

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां मुख्यमंत्री Mamata Banerjee की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (All India Trinamool Congress) को संगठनात्मक स्तर पर झटका लगा है। बारासात से सांसद Kakoli Ghosh Dastidar ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है, हालांकि उन्होंने साफ किया है कि वह सांसद के रूप में अपने दायित्व निभाती रहेंगी।

काकोली घोष दस्तीदार ने बताया कि यह फैसला उन्होंने “लंबे आत्ममंथन और मानसिक द्वंद्व” के बाद लिया है। उन्होंने महिला तृणमूल विंग के अध्यक्ष पद सहित अन्य जिम्मेदारियों से इस्तीफा देते हुए पार्टी नेतृत्व पर सहयोग की कमी का भी संकेत दिया।

अपने बयान में उन्होंने संगठन के भीतर महिला नेताओं के बीच अनुचित व्यवहार को रोकने में असफलता, और शीर्ष नेतृत्व से अपेक्षित समर्थन न मिलने जैसी बातों पर गहरी निराशा जताई। साथ ही उन्होंने पिछले वर्षों में पश्चिम बंगाल में सामने आए कई विवादों और आरोपों—जैसे राशन घोटाला, शिक्षक भर्ती घोटाला और प्रशासनिक अनियमितताओं—का उल्लेख करते हुए कहा कि इन घटनाओं ने उनकी अंतरात्मा को प्रभावित किया है।

उन्होंने आरजी कर मेडिकल कॉलेज से जुड़े विवाद और एक महिला डॉक्टर की मौत के मामले को भी गंभीर बताते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं ने समाज को झकझोर दिया है। इसके अलावा, उन्होंने आई-पैक (Indian Political Action Committee) से जुड़े विवादों का भी जिक्र किया और संगठन में पारदर्शिता की कमी को लेकर चिंता जताई।

गौर करने वाली बात यह है कि यह कदम उस समय आया जब पार्टी प्रमुख ने उन्हें संसदीय दल के मुख्य सचेतक पद से हटाकर यह जिम्मेदारी वरिष्ठ नेता को सौंप दी थी। इससे पहले वह एक प्रशासनिक बैठक में भी शामिल हुई थीं, जिसमें टीएमसी के कई विधायक मौजूद थे।

फिलहाल, काकोली घोष दस्तीदार ने स्पष्ट किया है कि वह पार्टी नहीं छोड़ रही हैं, बल्कि एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में जनता और बंगाल के हित में काम करती रहेंगी।

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