नकली पनीर बनाने वाली फैक्टरी पर छापा, 2500 किलो पनीर जब्त

रायपुर। पनीर खाने के शौकीन लोगों के लिए यह खबर बेहद महत्वपूर्ण है। छत्तीसगढ़ के खाद्य एवं औषधि विभाग ने रायपुर के बीरगांव में स्थित एक नकली पनीर बनाने वाली फैक्टरी पर छापा मारकर उसे सील कर दिया। इस कार्रवाई में 2500 किलो नकली पनीर जब्त किया गया है, जिसे स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक बताया गया है।
फैक्टरी में क्या हो रहा था?
खाद्य एवं औषधि विभाग को सूचना मिली थी कि काशी एग्रो फूड्स नामक फैक्टरी में बिना दूध के नकली पनीर तैयार किया जा रहा था। जांच में पता चला कि इस पनीर में डालडा, पाम ऑयल, मैदा, और हानिकारक रसायनों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
पनीर में पानी का इस्तेमाल और खतरनाक तत्व
जांच के दौरान यह भी पाया गया कि पनीर बनाने में इस्तेमाल होने वाले पानी का कुल घुलनशील ठोस (TDS) स्तर 900 था, जो सामान्य मानकों से काफी अधिक है। इसके अलावा, पनीर में भारी धातुएं और खतरनाक रसायन भी पाए गए, जो स्वाद और स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव डाल सकते हैं।
कार्रवाई का नेतृत्व
इस कार्रवाई का नेतृत्व खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के नियंत्रक चंदन कुमार ने किया। उनकी टीम में सहायक आयुक्त मोहित बेहरा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी राखी ठाकुर, और अन्य अधिकारी शामिल थे।
नागरिकों के लिए चेतावनी
विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे नकली खाद्य पदार्थों से सतर्क रहें। विशेष रूप से पनीर जैसे डेयरी उत्पादों की खरीदारी करते समय उनकी गुणवत्ता और स्रोत की जांच करें। नकली खाद्य सामग्री न केवल स्वाद खराब करती है, बल्कि यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।
संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दें
यदि आप किसी ऐसी गतिविधि के बारे में जानते हैं जो नकली खाद्य सामग्री से संबंधित हो, तो तुरंत खाद्य एवं औषधि विभाग को सूचित करें। जागरूक रहना और सतर्कता बनाए रखना, स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए अनिवार्य है।














