ब्रेकिंग
अफीम की अवैध खेती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कड़ा रुख प्रशिक्षु न्यायाधीश लोकतंत्र के तीसरे स्तंभ के रूप में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री श्री... बिजली उपभोक्ताओं की पीड़ा को दूर करेगी समाधान योजना : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पटरीपार सिकोला भाटा सब्जी मार्केट में निगम की बड़ी कार्रवाई, नाली के ऊपर बने 35 से अधिक अवैध निर्माण... छत्तीसगढ़ में घरेलू एलपीजी गैस एवं डीजल-पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक, आपूर्ति व्यवस्था पर सतत निगरानी क... कबीरधाम में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए शुरू होगी बड़ी मुहिम नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम / उप निर्वाचन 2026 हेतु निर्वाचक नामावली कार्यक्रम जारी मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCR) की पहली बैठक आयोजित प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ निगम की सख्त कार्रवाई, कई दुकानों से डिस्पोजल गिलास व झिल्ली पन्नी जब्... राज्यपाल ने संत शदाराम साहिब भाषा भवन का किया शिलान्यास
रायपुर

मुआवजा घोटाले पर छत्तीसगढ़ में बड़ी रेड: रायपुर, दुर्ग, भिलाई समेत 20 ठिकानों पर EOW का शिकंजा

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भारतमाला परियोजना से जुड़े 324 करोड़ रुपये के मुआवजा घोटाले को लेकर आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। राज्यभर में एक साथ 20 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की गई है।

यह कार्रवाई रायपुर, नया रायपुर, दुर्ग-भिलाई, अभनपुर, आरंग और बिलासपुर जिलों में चल रही है। जांच के घेरे में वर्तमान और पूर्व प्रशासनिक अधिकारी, जैसे कि SDM, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, पटवारी और राजस्व निरीक्षक (RI) के साथ कई बैंक अधिकारी भी शामिल हैं।

भिलाई में ACB की टीम ने एक बैंक मैनेजर के घर पर छापा मारा, जहां संपत्ति से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए और परिजनों से पूछताछ हुई। बिलासपुर में अतिरिक्त तहसीलदार लखेश्वर ध्रुव के आवास पर छह से अधिक अधिकारियों की टीम दस्तावेजों की जांच कर रही है। ध्रुव पूर्व में रायपुर में नायब तहसीलदार रह चुके हैं।

रायपुर में तत्कालीन SDM निर्भय साहू और तहसीलदार शशिकांत कुर्रे के आवासों पर भी EOW की टीमें पहुंचीं। सभी संदिग्धों की संपत्तियों और बैंक लेनदेन की बारीकी से जांच की जा रही है।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बयान जारी कर कहा, “घोटाले की शिकायतों पर सरकार ने EOW को जांच के निर्देश दिए हैं। यह भ्रष्टाचार पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुआ था। वर्तमान सरकार की नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ है और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।”

ACB और EOW की संयुक्त कार्रवाई से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। अनुमान है कि आने वाले दिनों में जांच का दायरा और बढ़ सकता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button