ब्रेकिंग
अफीम की अवैध खेती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कड़ा रुख प्रशिक्षु न्यायाधीश लोकतंत्र के तीसरे स्तंभ के रूप में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री श्री... बिजली उपभोक्ताओं की पीड़ा को दूर करेगी समाधान योजना : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पटरीपार सिकोला भाटा सब्जी मार्केट में निगम की बड़ी कार्रवाई, नाली के ऊपर बने 35 से अधिक अवैध निर्माण... छत्तीसगढ़ में घरेलू एलपीजी गैस एवं डीजल-पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक, आपूर्ति व्यवस्था पर सतत निगरानी क... कबीरधाम में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए शुरू होगी बड़ी मुहिम नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम / उप निर्वाचन 2026 हेतु निर्वाचक नामावली कार्यक्रम जारी मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCR) की पहली बैठक आयोजित प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ निगम की सख्त कार्रवाई, कई दुकानों से डिस्पोजल गिलास व झिल्ली पन्नी जब्... राज्यपाल ने संत शदाराम साहिब भाषा भवन का किया शिलान्यास
छत्तीसगढ़

दुर्ग रेंज आईजी ने की 259 प्रकरणों की समीक्षा, दोषमुक्ति मामलों पर कड़ी निगरानी के निर्देश

दुर्ग | पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज रामगोपाल गर्ग (भा.पु.से.) द्वारा दिनांक 02.09.2025 को कार्यालय के सभागार कक्ष में रेंज स्तरीय दोषमुक्ति प्रकरणों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, बैठक के दौरान कुल 259 प्रकरणों की समीक्षा की गई, जो तीन घंटे से अधिक समय तक चली।

बैठक में दुर्ग रेंज के उपसंचालक एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अधिकारीगण उपस्थित रहे। बैठक में दोषमुक्ति के कारणों की समीक्षा की गई और जिन कारणों से प्रकरणों में दोषमुक्ति हुए है उसमें विवेचना के सुधार हेतु पुलिस अधिकारियों को आदेशित किया गया साथ ही विवेचना एवं अभियोजन में लापरवाही करने वाले पुलिस/अभियोजन अधिकारीयों की ज़िम्मेदारी तय करने निर्देशित किया गया।

पुलिस महानिरीक्षक गर्ग ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे सभी गंभीर प्रकरणों में जिनमें अग्रिम ज़मानत आवेदन लगाए जाते हैं, उनमें पुलिस द्वारा की गयी कार्यवाही का ब्योरा अलग से संधारित किया जाए तथा जहाँ गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, उसके ठोस कारणों का उल्लेख किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि माननीय न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत निरस्त कर दी जाती है, तो अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करना संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही होगी।

 

बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि झूठी शिकायत करने वाले एवं निर्दोष व्यक्तियों को झूठा फँसाने वाले आरोपियों के विरुद्ध अभियोजन अधिकारियों द्वारा माननीय न्यायालय में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए, ताकि ऐसे प्रकरणों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके और न्यायिक प्रक्रिया को सशक्त बनाया जा सके।

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में संयुक्त संचालक अभियोजन दुर्ग एस.एस. ध्रुव, उप निदेशक अभियोजन दुर्ग  अनुरेखा सिंह, सहायक जिला अभियोजन बालोद प्रमोद घृतलहरे, उप निदेशक अभियोजन बेमेतरा आशीष कुमार सिन्हा, सहायक जिला अभियोजन बेमेतरा विनय अग्रवाल,  अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दुर्ग  पद्मश्री तंवर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बेमेतरा  ज्योति सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बालोद  मोनिका ठाकुर, उप पुलिस अधीक्षक  शिल्पा साहू, उप निरीक्षक राजकुमार प्रधान एवं पुलिस पी.आर.ओ. प्रशांत कुमार शुक्ला उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button