
दुर्ग। सुशासन तिहार के बीच आम जनता के साथ कथित अभद्र व्यवहार और कर्तव्य में लापरवाही के मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सख्त रुख के बाद दुर्ग जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) रूपेश कुमार पांडेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
यह मामला ग्राम धनौद में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर से जुड़ा है, जहां शिविर के दौरान सीईओ रूपेश पांडेय का जनता के साथ कथित अशिष्ट व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
कलेक्टर दुर्ग ने पूरे प्रकरण की जांच के बाद निलंबन की अनुशंसा शासन को भेजी थी। इसके बाद अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया।
जांच में प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि अधिकारी ने शासन के महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन नहीं किया और आम नागरिकों के साथ अशिष्ट व्यवहार किया, जो कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का उल्लंघन है।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद जिले में सरकारी कार्यप्रणाली और जनसेवा में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्ती का संदेश गया है।












