
दुर्ग। सेठ बद्रीलाल खण्डेलवाल शिक्षा महाविद्यालय में तीन दिवसीय हस्तकला एवं चित्रकला प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ। यह आयोजन महाविद्यालय सभागार में दोपहर 12 बजे से शाम 3 बजे तक आयोजित किया गया।
इस प्रदर्शनी में बी.एड. के छात्राध्यापकों ने अपनी सृजनशीलता और कौशल का परिचय देते हुए विभिन्न हस्तशिल्प, सजावट और दैनिक उपयोगी वस्तुओं का निर्माण किया। प्रदर्शनी का उद्देश्य छात्रों में कौशल विकास एवं आत्मनिर्भरता की भावना को प्रोत्साहित करना रहा।

मुख्य अतिथि श्रद्धा देवांगन तथा विशेष अतिथि विरेंद्र शुक्ला ने छात्राध्यापकों के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भविष्य के शिक्षक के लिए हर प्रकार का कौशल विकास आवश्यक है, ताकि वे समाज में सृजनात्मक भूमिका निभा सकें।
प्रदर्शनी की विशेष आकर्षण रही ‘रामचरित मानस’ पर आधारित चित्रकला प्रदर्शनी, जिसने उपस्थित जनों को भाव-विभोर कर दिया। अतिथियों ने इस आध्यात्मिक प्रस्तुति की प्रशंसा करते हुए कहा कि छात्राध्यापकों में सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक समझ का समन्वय होना चाहिए।
कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्य डॉ. उमाकांती सिंह के निर्देशन में हुआ। संचालन की जिम्मेदारी अर्चना पड़गी, अर्चना तिवारी, भावना दुबे, डॉ. सपना वैष्णव, हारून रशीद और प्रियंका तिवारी ने संभाली।
जिला शिक्षण समिति के अध्यक्ष इंजीनियर प्रवीणचंद्र तिवारी ने भी प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों में नवाचार और आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं।














