
दुर्ग। अत्यंत दु:ख के साथ सूचित किया जाता है कि उरला दुर्गा काली मंदिर बायपास के संस्थापक, धर्म और सेवा के प्रतीक परम पूज्य गुरुजी सुशील कहार जी का आज संध्या 6 बजे बालाजी हॉस्पिटल रायपुर में उपचार के दौरान 58 वर्ष की आयु में आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन से क्षेत्र सहित श्रद्धालुओं और अनुयायियों में शोक की लहर व्याप्त है।
पूज्य गुरुजी अपने पीछे दो पुत्र आकाश कहार एवं चंद्रशेखर सागर कहार, पुत्रवधु बबीता कहार, उनके विश्वस्त सेवक अनुज गुलाब सिंह सहित भरा–पूरा परिवार और मंदिर संस्थान छोड़ गए हैं। उनका निधन अत्यंत पीड़ादायक एवं अपूरणीय क्षति है।
पूज्य गुरुजी का संपूर्ण जीवन धर्म, भक्ति और समाज सेवा को समर्पित रहा। उनके मार्गदर्शन और सेवा भाव को श्रद्धालु सदैव स्मरण रखेंगे।
उनकी अंतिम यात्रा कल 17 जनवरी, शनिवार को दोपहर 12:00 बजे काली माता मंदिर बायपास रोड के नीचे उरला वार्ड क्रमांक 58 दुर्ग से निकलकर शिवनाथ नदी मुक्तिधाम में संपन्न होगी।














