ब्रेकिंग
अब कम होगा ईंधन खर्च! भारत में आया E85 फ्लेक्स फ्यूल, जेब पर पड़ेगा कम बोझ सिर्फ 15 साल की उम्र में टीम इंडिया का टिकट, वैभव सूर्यवंशी ने रचा नया कीर्तिमान केशकाल घाट फोरलेन बायपास निर्माण में ढिलाई पर नाराज हुए अरुण साव, समय पर काम पूरा करने के निर्देश महंगाई भत्ते की मांग को लेकर 10 जून को प्रदर्शन, कर्मचारियों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचने की अपील मंत्री गजेन्द्र यादव से मिलीं महिला मोर्चा की नवनियुक्त पदाधिकारी, जताया आभार दुर्ग में 27 लाख की हार्वेस्टर धोखाधड़ी का खुलासा, अधिकृत डीलर गिरफ्तार दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्यवाही रू 15 टन से अधिक कोयला जब्त, तीन आरोपी गिरफ्तार स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 के तहत निगम का जागरूकता अभियान तेज वॉल पेंटिंग और जनसहभागिता से सुंदर बन ... जिला स्काउट्स एवं गाइड्स ने विश्व पर्यावरण दिवस मनाया हर दीवार दे रही स्वच्छता का संदेश, रंगों में बस रही शहर की नई पहचान,
छत्तीसगढ़

तीन निजी मेडिकल कॉलेजों पर जुर्माना, छात्रों से ज्यादा फीस वसूलने का आरोप

छत्तीसगढ़ के तीन प्रमुख निजी मेडिकल कॉलेजों पर राज्य प्रवेश और फीस विनियामक समिति ने कुल तीस लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इन कॉलेजों पर आरोप है कि उन्होंने छात्रों से ट्रांसपोर्ट, हॉस्टल और मेस के नाम पर ज्यादा शुल्क वसूला है।

समिति ने इन कॉलेजों को एक माह के भीतर छात्रों से अधिक वसूली गई राशि 7% वार्षिक ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया है। निर्धारित समय सीमा में राशि न लौटाने पर इन कॉलेजों की मान्यता रद्द करने की अनुशंसा की गई है।

रायपुर के बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, रायपुर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (RIMS), और भिलाई के शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस द्वारा संचालित एमबीबीएस और MDMS पाठ्यक्रमों में छात्रों से अत्यधिक राशि वसूली गई थी। समिति को प्राप्त शिकायतों में बताया गया था कि इन कॉलेजों ने छात्रों से ट्रांसपोर्ट, हॉस्टल और मेस के नाम पर अधिक शुल्क लिया।

जांच में पाया गया कि शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस छात्रों से ट्रांसपोर्ट के नाम पर 2.50 लाख रुपये ले रहा था, जबकि वास्तविक शुल्क केवल 4,635 रुपये था। इसके अलावा हॉस्टल और मेस शुल्क भी अधिक वसूला जा रहा था। बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस और रायपुर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस द्वारा भी छात्रों से अतिरिक्त राशि ली जा रही थी।

समिति के अध्यक्ष प्रभात कुमार शास्त्री के अनुसार, इन कॉलेजों ने फीस की निर्धारित सीमा को पार किया और छात्रों से “न लाभ-न हानि” के सिद्धांत का उल्लंघन करते हुए मनमानी वसूली की। समिति ने इन कॉलेजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ाया है और छात्रों को उनका पैसा जल्द लौटाने का निर्देश दिया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Slot Site
Back to top button